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जीवन एक कैनवास - कविता


जीवन क्या है?
जन्म और मृत्यु के बीच
एक अन्तराल
कभी दीर्घ अनुभूति, कभी लघु आभास
जीवन एक चित्रपट (कैन्वॅस)

काल की लेखनी उकेरती जिस पर
कभी सूक्ष्म, कभी वृहद रेखाचित्र
धीर गम्भीर या फिर मधुर सुहास
जीवन एक चित्रपट (कैन्वॅस)

भाग्य व कर्म की तूलिकाएँ भरतीं जिसमें
भावनाओं के विभिन्न र‌ंग
कभी करुण, आकुल, कभी प्रखर उल्लास
जीवन एक चित्रपट (कैन्वॅस)

अराधक के लिये जीवन भक्ति है
सबल के लिये जीवन शक्ति है
निर्बल के लिये जीवन क्रूर उपहास
जीवन एक चित्रपट (कैन्वॅस)

भिक्षुक के लिये जीवन केवल दक्षिणा है
श्रमिक के लिये आजीवन जीविका की प्रदक्षिणा
तन थका-थका, अंतर निरन्तर उदास
जीवन एक चित्रपट (कैन्वॅस)

संत कहें काया कच्ची माटी की गगरी
संसार मोह, माया, मद की नगरी
जिसे त्याग कर, करना है प्रवास
जीवन एक चित्रपट (कैन्वॅस)

मयक़श के लिये जीवन एक मैख़ाना
ग़म और खुशी का यही है पैमाना
न पीये अगर तो रहे बदहवास
जीवन एक चित्रपट (कैन्वॅस)

साधक के लिये जीवन एक कला
साधे जिसको वह बन एक शिला
एक अडिग मन, एक अथक प्रयास
जीवन एक चित्रपट (कैन्वॅस)

शैशवकाल यदि जीवन प्रभात है
यौवन जीवन की दोपहरी
वृद्धावस्था समझो संध्याबेला है
मृत्यु अनन्त विश्राम निश्वास
जीवन एक चित्रपट (कैन्वॅस)

इस धरा के कण-कण में
जल में, थल में, वायुमण्डल में
हर स्थान पर जीवन का है आवास
जीवन एक चित्रपट (कैन्वॅस)

यहाँ मेरे लिये - गजल

क्या नहीँ है आज यहाँ मेरे लिये
कोई दुआ है फली यहाँ मेरे लिये

हजार दुश्मन  तो कोई बात नहीँ
तुम तो मेरे हो ना यहाँ मेरे लिये

बस्ती--ख्वाब से एक बार गुजरा
ठहरना लाजिम अब यहाँ मेरे लिये

महफिल मेँ बस इक तेरे आने से
सब कुछ नया-नया यहाँ मेरे लिये

मुझसे नजरेँ फेरे लेने से पहले ही 
बताना क्या सजा है यहाँ मेरे लिये