आंखे झूठ न बोलें

आंखों की चाल से झूठ और सच का पता लगाया जा सकता है .... जी मैं मजाक नहीं कर रहा सच बोल रहा हूं..और यह गुर बडे बडे डिटेक्टर भी प्रयोग करते हैं..

यदि दिशाओं का विभाजन किया जाये तो आंखे छ: दिशाओं में देखने का प्रयन्त करती हैं और जब किसी प्रशन के उत्तर में आंखे किसी विशेष दिशा की और इंगित होती हैं उसका अपना एक अर्थ होता है और इसी अर्थ से सच और झूठ का पता लगाया जा सकता है.



"A" बांये ऊपर की तरफ़
विजूअली कन्सट्रक्टिड इमेज

जब किसी व्यक्ति से किसी विशेष वस्तु के बारे में पूछा जाता है और वह उसकी कोई तस्वीर अपने दीमाग में बनाता है तो उसकी आंखे बांयी और ऊपर की तरफ़ इंगित करती हैं (A)


"B" दांये ऊपर की तरफ़
विजूअल्ली रिमेम्बर्ड इमेज

जब किसी व्यक्ति से किसी विशेष वस्तु के बारे में पूछा जाये और वह उसने पहले ही देख रखी हो तो उसकी आंखें दांयी और ऊपर की तरफ़ इंगित करती हैं (B)

"C" बांयी तरफ़
आडिटरी कन्सट्रक्टिड

जब किसी व्यक्ति से ऐसी बात पूछी जाती है जो उसने न सुनी हो और उसे उसके बारे में कुछ सोचना पडे या उसका दिमाग में चित्र बनाना पडे तब उसकी आंखें बांयी और इंगित करती हैं (C)

"D" दांयी तरफ़
आडिटरी रिमेम्बर्ड

यदि किसी व्यक्ति से कोई ऐसी बात पूछी जाती है जो उसने सुन रखी हो तो उसकी आंखे दांयी और इंगित करती हैं (D)

"E" बांये नीचे की तरफ़
फ़ीलिंग / कायनेस्थिटिक
यदि किसी व्यक्ति से किसी सुगंध/स्वाद/स्पर्श के बारे में पूछा जाये और वह उसे याद करने की कोशिश करे तो उसकी आंखे बांयी और नीचे की तरफ़ इंगित करेंगी.

"F" दांये नीचे की तरफ़
इन्टरनल डायलोग
जब कोई व्यक्ति मन ही मन स्वय़ं से ही बातचीत करता है या कुछ सोचता है तो उसकी आंखे दायीं और नीचे की तरफ़ इंगित होती हैं.
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सूचानार्थ
उपरोक्त का सही प्रतिशत गलत से काफ़ी अधिक है
इस विषय पर गहराई से जानकारी प्राप्त करने के लिये आप यह किताब पढ सकते हैं यदि यह विषय आपकी पसन्द का है.

"Frogs into Princes: Neuro Linguistic Programming" by Richard Bandler

5 comments:

महेंद्र मिश्रा said...

सही आंखे सब कुछ कह देती है .बहुत बढ़िया जानकारी के लिए धन्यवाद.
महेंद्र मिश्रा जबलपुर.

goooooood girl said...

i like your blog......

Nirmla Kapila said...

bahut achhi jaankari hai dhanyaabad

रंजना [रंजू भाटिया] said...

अभी तो आँखे आपके ब्लॉग पर ही टिकी हैं :) अच्छी जानकारी है यह

राज भाटिय़ा said...

मोहिन्दर जी आप की बात बिलकुल सही है, ओर मै हमेशा इंसान को उस की आंखो से ही पहचान जाता हूं,ओर आप की बात से पुरी तरह सहमत हुं
धन्यवाद