एक ख्याल


तेरी दी हर सौगात दिल में संभाल रखी है
अपने हिस्से की मुहब्बत हमने पाल रखी है
मौत से यूं तो कई बार हुई नजदीकी मुलाकात
न जाने किस उम्मीद पर मौत भी टाल रखी है

1 comment:

Udan Tashtari said...

बहुत खूब!