वक्त का पहिया



कौन किस को चलाता है
यह तो वक्त का पहिया है
जो अपने आप चला जाता है
जो इसके ऊपर हैं
वह करते हैं सवारी
जो नीचे आ जाये
वह रौंद दिया जाता है

7 comments:

वन्दना said...

वाह्…………गागर मे सागर भर दिया।

रश्मि प्रभा... said...

kaun jane kis ghadi waqt ka badle mizaaz

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

saty vachan.

Kailash C Sharma said...

बहुत खूब..कुछ शब्दों में कितना गहन सत्य...

OM KASHYAP said...

सार्थक सन्देश !
http://unluckyblackstar.blogspot.com/2011/02/blog-post_27.html

Swarajya karun said...

कड़वी हकीकत. लेकिन क्या वक्त के पहिए को ऐसा निर्मम होना चाहिए ?

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुन्दर रचना.