"देव" से 'मानव"

तुम तो "देव" हो

और "देव" केवल

कृपा अथवा करुणा करते हैं

प्रेम नहीं

तुम इतना नीचे नहीं आ सकते

मैं इतना ऊपर नहीं उठ सकती

यह दूरी यह अभिलाषा

यूं ही रहेगी

जब तक तुम

"देव" से 'मानव" नहीं हो जाते

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मोहिंदर कुमार

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