चटपटी कहानी टमाटर की


एक बेरोजगार व्यक्ति ने एक बडी कम्पनी में "आफ़िस बोय" के पद के लिये आवेदन पत्र दिया. उस कम्पनी के एक अधिकारी ने उसका साक्षात्कार लिया और उससे फ़र्श की सफ़ाई करवाने के बाद कहा, "तुम्हें नौकरी पर रखा जाता है तुम अपना ईमेल एडरस मुझे दे दो ताकि तुम्हें कब काम पर आना है सूचित किया जा सके".


उस व्यक्ति ने उत्तर दिया, " मेरे पास कम्पूटर नहीं है.. ना ही मेरा कोई ईमेल एडरस है".


कम्पनी के अधिकारी ने खेद जताते हुये कहा, " आज के युग में जिसके पास ईमेल एडरस नहीं है उसका कोई अस्तित्व ही नही है और जिसका कोई अस्तित्व ही न हो उसे नौकरी पर नहीं रखा जा सकता".


उस व्यक्ति ने निराश हो कर लौटते हुये अपनी जेब टटोली तो उसे 50 रुपये का एक नोट मिला. उसने उन रुपयों से टमाटर का एक टोकरा खरीदा और उसे बाजार में बेचा... शाम तक उसके पास दुगने पैसे हो गये... अब वह रोज टमाटर खरीदता और बेचता रहा... जल्द ही उसने काफ़ी तरक्की कर ली और अपनी एक बडी सी दुकान खरीद ली.


अब वह अपने और अपने परिवार के भविष्य के बारे में सोचने लगा. उसने अपना जीवन बीमा करवाने की सोची और एक बीमा ऐजेन्ट को बुला कर उससे बातचीत की और एक प्लान चुना. जब बीमा ऐजेन्ट फ़ार्म भर रहा था तब उसने उस व्यक्ति से उसका ईमेल एडरस पूछा.


उस व्यक्ति ने हंस कर कहा मेरा कोई ईमेल एडरस नहीं है... तब बीमा ऐजेन्ट ने कहा, "आप का ईमेल एडरस नही है फ़िर भी आप इतने बडे आदमी हैं... अगर आप का ईमेल एडरस होता तो आप जानते हैं कि आप क्या होते" ?


उस व्यक्ति ने हंस कर कहा, "हां, तब में एक बडी कम्पनी में एक आफ़िस बोय होता".


इस कहानी से जो शिक्षा हमें मिलती है वह है :

१. ईन्टरनेट आपके जीवन की समस्याओं का हल नहीं है

२.अगर आपके पास इन्टरनेट नहीं है, परन्तु आप मेहनत करते है, आप लखपति बन सकते हैं

३.अगर आप यह कहानी पढ रहे हैं तो आप एक लखपति की बदले एक आफ़िस बोय के ज्यादा नजदीक हैं


नोट: इस कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया जल्दी दे दें क्योंकि मुझे टमाटर बेचने भी जाना है.

2 comments:

Udan Tashtari said...

बेच आईये टमाटर..हम इन्तजार करते हैं.

अजय यादव said...

मोहिन्दर जी!
आपने व्यवसाय बदल लिया और हमें बताया भी नहीं. मतलब अकेले अकेले तरक्की करना चाहते हैं! खैर जब आप ’बडे आदमी’ बन जायें तो ज़रूर बता दीजियेगा :)

- अजय यादव
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