कचरे से कलात्मकता तक

मानव की परिकल्पना शक्ति कचरे में से भी कला को जन्म दे सकने में सक्षम है यह बात संजाल को खंखालते हुये पाये गये इन चित्रों के माध्यम से व्यक्त की जा सकती है.


















सूचना = इन चित्रों को प्रकाशित करने का मेरा मससद सिर्फ़ कलात्मकता का प्रसार मात्र है... इन चित्रों पर मेरा कोई अधिकार नहीं है.. यदि इसके मूल अधिकारिक किसी व्यक्ति को कोई आप्पति हो तो सूचित करें इस पोस्ट को हटा दिया जायेगा.

4 comments:

mahendra mishra said...

bahut badhiya

Udan Tashtari said...

बहुत ही उत्तम पयोग कचरे का, वाह!१

परमजीत बाली said...

जिस ने भी इसे बनाया है वह बधाई का पात्र है ये चित्र बहुत कलात्मक हैं।अच्छे चित्र प्रेषित किए हैं।

anuradha srivastav said...

काबिले तारीफ...........