सिगरेट और आदमी

सिगरेट का धुआं आदमी से जीत जाता है क्योंकि



सिगरेट अपना काम करती है और आदमी नहीं



धुंआ जीत जाता है क्योंकि WILL POWER से WILLS POWER ज्यादा शक्तिशाली होती है



आदमी हमेशा स्वर्ग की कल्पना करता है और सिगरेट स्वर्ग तक जल्दी पहुंचाने में मदद करता है



सिगरेट की बदबू को इत्र, सेन्ट, पान की महक से ना छुपाय़ें.. यह छुपने वाली नही है.. और उभर कर आयेगी



यदि आप को अपने आप से और अपने प्रियजनो से प्यार है तो सिगरेट से दूर रहें

4 comments:

आशीष said...

कम्‍बख्‍त छूटने का नाम ही नहीं ले रही है

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

इस महत्वपूर्ण जानकारी के लिए साधुवाद। आशा है आगे भी इसी प्रकार हमारी जानकारी में बढोत्तरी करते रहेंगे।

ajay kumar jha said...

bahut badhiya post hai sir , aur yakeen maaniye aapkee mehnat saaf jhalak rahee hai, kaash ki ye dekh kar kuchh log dhomrapaan chhod paate.

mahendra mishra said...

bahut badhiya yadi man me sankalp liya jave to chodana sambhav hai .