अक्षरधाम मन्दिर - दिल्ली

दिल्ली का अक्षरधाम मन्दिर कला का एक उत्कर्ष्ठ उदाहरण है. नीचे दिये गये चित्र मुझे ईमेल द्वारा प्राप्त हुये हैं और मैं इसके मूल छायाकार का नाम पता नहीं जानता. चूंकि चित्र मनोहारी थे मुझे लगा छायाकार भी इन्हें सब के साथ बांटना चाहेगा... इसी मनोभावना के साथ इन्हें पोस्ट कर रहा हूं




















12 comments:

mahendra mishra said...

वास्तव मे अक्षरधाम मन्दिर बहुत ही बेजोड़ कारीगिरी का नमूना है . अच्छे चित्र दिखाने के लिए धन्यवाद

Udan Tashtari said...

बड़े ही विहंगम दृश्य हैं. आभार यहाँ पेश करने का.

संजय तिवारी said...

वाह अद्भुद. यमुना को हड़पकर कला का कैसा बेजोड़ नमूना खड़ा किया गया है. यह नमूना उस दिन निंदा का सबसे बड़ा केन्द्र बन जाएगा जिस दिन दिल्ली में बाढ़ आयेगी.
यह मंदिर कहीं और बनता तो मैं भी जाकर उन भगवान जी के दर्शन करता.

रंजू said...

बहुत सुंदर हैं यह फोटो ..यह जगह वास्तव में बहुत सुंदर है ..दिल नही भरता इसको देखते हुए !!

neeraj tripathi said...

प्रभु के आशीष से एक बार मुझे अक्षरधाम मन्दिर जाने का मौका मिला था ...
बहुत ही अच्छा बना है ..मन खुश हो गया था ...मैं तो यही कहूँगा कि एक बार तो सभी को जाना चाहिए वहाँ ...
जीवन में आज तक मैंने जो बहुत अच्छी चीजें देखीं उनमें से एक है अक्षरधाम ...

vinay kumar said...

vinayminukumar

vinay kumar said...

mai vinay kumar kam say kam 75 baar mandir darshan k leye meerut say delhi gayaa hu par aaj tak man nahi bhara Q ki AKSHAR DHAM MANDIR kala ka 1 asa bayjod namuna hai ki usay baar baar deknay ko man karta hai us ko bananay or banvany valoon ko mera sat sat namaan aap ka VINAY KUMAR MEERUT'S

parik said...

mere bhai iske fever me hai or aaj mera pura privar isko dekh kar dhanya ho gaya thanx to u n photographer also.bhagwan aa dono ko mansik shanti de

bhupendra singh said...

akshardham temple is one of the best hindu temples which marks great hinduism.thanks to god who inspired those people to construct this abode of peace.

Sunil said...

muze yah akshardham bahut hi accha lagar he...

Anonymous said...

इसकी कलाकृतियाँ और स्थापत्य कला अनुपम और बेजोड़ हैं ।

vipin nain said...

मैँने एक बार देखा था
सचमुच आश्चर्य ही है

तभी तो अक्षरधाम मन्दिर को इक्कीसवीँ सदी के सात अजूबोँ मेँ शामिल किया गया है

एक बार देखकर दिल नहीँ भरा जल्दी ही फिर देखने जाऊँगा