कुछ चित्र लीक से हट कर

क्या करूं यार... यह कुत्ता मेरे हिस्से का खाना भी खा जाता है



अरे.. मरे हुये को क्यों मारते हो भाई... माफ़ कर दो ना




सिगरेट की आग से सब कुछ जल गया.....धुंआ धुंआ




जिन्दा रहने के लिये कभी कभी खुद को भी मारना पडता है




दोस्त दोस्त न रहा........अरे यार टाईम किसके पास है




ऐसा इन्तजार भी किस काम का कि कुछ हाथ ही न आये




दो कुत्ते आपने ऊपर देखे मगर इसका जबाब नहीं.... क्या किस्मत पाई है

4 comments:

रंजना [रंजू भाटिया] said...

:) मजेदार हैं यह

Taruna said...

Sabse neeche wala kuttaa to bahut funny hai.

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Namaste..

Taruna

शोभा said...

दुर्लभ चित्र हैं कुछ तो। अति सुन्दर।

राज भाटिय़ा said...

बहुत ही सुन्दर :)