चार कार्यरत श्रेणियां


 
जितने भी मेधावी छात्र होते हैं वह उच्च डिग्री लेने के बाद डाक्टर, इन्जीनियर और सांईटिस्ट बन जाते है.  

जो  छात्र द्वतीय श्रेणी के होते हैं वह एडमिन्स्ट्रेटर बन जाते हैं और प्रथम श्रेणी पर शासन करते हैं.


जो छात्र पास आऊट केटेगरी के होते हैं वह नेता बन जाते हैं और उपरी दोनों श्रेणियों पर शासन करते हैं.













और जो छात्र फ़ेलियर केटेगरी के होते हैं वह "अंडर वर्ळ्ड" बन कर पूरी दुनिया पर शासन करते हैं.



2 comments:

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

बिलकुल सही लिखा आपने.....

सतीश सक्सेना said...

यह बिलकुल ठीक है .... :-)
शुभकामनायें आपको !