मेरा पहला कविता संग्रह "दिल का दर्पण"

मित्रो,

मेरा पहला कविता संग्रह "दिल का दर्पण" प्रकाशित हो चुका है.  यह नीचे दिये लिन्क पर ओन लाईन उपलब्ध है.  
 
इस पुस्तक पर आपकी प्रतिक्रिया से मेरे लेखन को एक नई दिशा मिलेगी.
आपका
मोहिन्दर कुमार

3 comments:

How do we know said...

mubarak ho!!

Madan Mohan Saxena said...

वाह बहुत खूबसूरत अहसास हर लफ्ज़ में आपने भावों की बहुत गहरी अभिव्यक्ति देने का प्रयास किया है... बधाई आपको... सादर वन्दे...

शालिनी कौशिक said...

congrat's mohinder ji.